चलना हमारी फितरत थी , कुछ कर गुजरने की चाह , ठहर हम बहुत कुछ सीख गए , पाकर अपनी एक राह | चलना हमारी फितरत थी , कुछ कर गुजरने की चाह , ठहर हम बहुत कुछ सीख गए , पाकर अप...
सांस थम जाये, ये पल ठहर जाये, ज़मीं रूक जाये... सांस थम जाये, ये पल ठहर जाये, ज़मीं रूक जाये...
वक्त की बहती धारा में, अब ठहरना कौन है चाहता ? वक्त की बहती धारा में, अब ठहरना कौन है चाहता ?
नहीं चाहिए कोई धन दौलत मुझे जीना है मुझे बस तेरे लिए। पाया बड़ी मन्नतों से तुझे रब ने बन... नहीं चाहिए कोई धन दौलत मुझे जीना है मुझे बस तेरे लिए। पाया बड़ी मन्नतों...
खुशियों का सौदा कर बैठे। खुशियों का सौदा कर बैठे।
रोज़ डे आए आकर चले गए रोज के जैसे। रोज़ डे आए आकर चले गए रोज के जैसे।